तू मेरे आंगन में आ जाए
कुछ इस तरह तू मेरे रहन सहन में आ जाए
शाम सबेरे तेरा नाम मेरे जहन में आ जाए
अगर सोच लूं तेरे बारे में तो फूलों की खुश्बू गगन में आ जाए
ऐ काश के एक रोज़ तू मेरे आंगन में आ जाए
ख़ुदा का करम हुआ तो मेरा सनम मुझसे मिलने इस सावन में आ जाए
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें